अकेली अजवाइन ही सैकड़ प्रकार के अन्न को पचाने में पूर्णता सक्षम है। क्योंकि अजवाइन में चिरायता का कटु पौष्टिक गुण होता है, हींग का वायु नाशक तथा काली मिर्च का अग्नि दीपन गुण होता है। प्रसूति के बाद स्त्री को अजवाइन का सेवन कराया जाता है इससे अन्न ठीक से हजम होता है। भूख अच्छी लगती है तथा गर्भाशय की शुद्धि और पीड़ा दूर होती है। दूध अगर ठीक से ना पचता हो तो दूध पीकर ऊपर से थोड़ी अजवाइन खा ले, गेहूं का आटा, मिठाई आदि न पचते हों तो इनमे  अजवायन का पाउडर को मिलाकर खा ले। अजवायन सब रोगों का नाश करने वाली है।

 हेलो दोस्तों कैसे हैं आप! आज के इस पोस्ट में मैं आपके लिए  स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेकर आया हूं। स्वास्थ्य संबंधी यह जानकारी घरेलू उपचार, घरेलू नुस्खे पर आधारित है। और आज के इस पोस्ट में मैं आपको अजवाइन के घरेलू उपचार, अजवायन के लाभ | अजवायन के फायदे | घरेलू नुस्खे के  बारे में बताने वाला हूं। 

 मैं आपको बता दूं कि अभी लगातार कुछ दिनों तक इस ब्लॉग पर घरेलू आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार से रिलेटेड आर्टिकल पब्लिश किए जाएंगे। घरेलू उपचार और घरेलू नुस्खे के नए आर्टिकल और पोस्ट का  नोटिफिकेशन पाने के लिए आप इस ब्लॉग को सब्सक्राइब कर सकते हैं नीचे आपको सब्सक्राइब बटन मिल जाएगा वहां आप अपना ईमेल डालकर सब्सक्राइब कर सकते हैं। 

तो आईये अब देखते हैं कि  गुणकारी अजवायन के 14 घरेलू नुस्खे जिसका उपयोग करके आप अपने स्वास्थ्य को ठीक कर सकते हैं।


1. 200 से 250 ग्राम अजवाइन गर्म करके मलमल के कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर तवे पर गर्म करके सांस लेने से छींक व जुकाम का वेग  कम हो जाता है।

 

2. अजवाइन के पाउडर को 2 से 5 ग्राम की मात्रा में नसवार की तरह सुघने से जुकाम सिरदर्द का नासिका में रुक जाना और मानसिक के क्रीमी में लाभ होता है।

 

3. अजवाइन के पाउडर के 2 से 3 ग्राम की मात्रा को गर्म पानी या गर्म दूध के साथ दिन में दो या तीन बार लेने से भी जुकाम सिर दर्द में लाभ होता है।

 

4. अमृतधारा बनानी हो तो, पुदीने का सत या  फुल 10 ग्राम,  अजवायन 10 ग्राम, देशी कपूर 10 ग्राम, तीनों को एक साथ शीशी में डालकर अच्छी तरह से बंद करके धूप में रख दें। कुछ समय बाद तीनों चीजें गल कर पानी बन जाती हैं। यह अमृतधारा कई रोगों में काम आती है। सर्दी जुकाम उल्टी दस्त,  हैजे आदि में इनकी 4-5 बूंदे गर्म पानी में डालकर लेने से लाभ होता है।

 

5. अजवाइन के 2 ग्राम पाउडर को समान भाग नमक के साथ सुबह सेवन करने से अजीर्ण, आमवात, उधर कृमिजन्य रोग, बदहजमी , उधर दर्द आदि में लाभ होता है।

 



 6.  भोजन के बाद यदि छाती में जलन हो तो 1 ग्राम अजवाइन और बदाम की एक गीरी को खूब चबा चबाकर या कूट पीसकर खाएं।

 

7. 3 ग्राम अजवाइन में आधा ग्राम काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ फंकी  लेने से अफरा दूर होता है। इस पाउडर की दोनों समय फंकी लेने से वायु गोले का नाश होता है।

8. जब मूत्र बंद होकर पतले पतले दस्त हो तब अजवायन 3 ग्राम और नमक 500 मिलीग्राम ताजा पानी के साथ फंकी लेने से शीघ्र लाभ होता है। यदि एक बार में आराम ना हो तो 15-15 मिनट पर दो तीन बार लें।

9. दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में डेढ  ग्राम अजवाइन पाउडर और 1 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर पीने से बवासीर के नष्ट हुए मस्से दोबारा नहीं होते।

10. 2 ग्राम अजवाइन को 2 ग्राम गुड़ के साथ कूट पीसकर 4 गोलियां बना लें 3-3 घंटे के अंतराल पर एक एक गोली पानी के साथ सेवन करने से बहुमूत्र रोग में तुरंत लाभ होता है।

11. 3 ग्राम अजवाइन पाउडर 10 ग्राम तिल के तेल के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से प्रमेह रोग में लाभ होता है।

12. 33 ग्राम अजवाइन का पाउडर सुबह-शाम गर्म दूध के साथ लेने से गुर्दे के दर्द में लाभ होता है।

13. अजवाइन, सेंधा नमक, छोटे हरड़, सोंठ इनके पाउडर को सममात्रा में मिलाकर 1 ग्राम से 2 ग्राम की मात्रा में गर्म पानी के साथ सेवन करने से उदर शूल नष्ट होता है।

14. अजवाइन को बारीक पीसकर उसमें थोड़ी सी मात्रा में हींग मिलाकर लेप बनाकर पेट पर लगाने से जलोदर और पेट के अफरे में लाभ होता है।

तो मित्रों आज के इस पोस्ट में मैंने आपको गुणकारी अजवायन के बारे में बताया है। अगला आर्टिकल अलसी से होने वाले लाभ के बारे में होगा। अगर आप चाहते हैं। कि आर्टिकल पब्लिश होते ही आपको नोटिफिकेशन मिल जाये तो आप इस blog को सब्सक्राइब कर लिजिये। नीचे आपको Subscribe का ओपसन मिल जाएगा। 

और आप ये अजवायन से होने वाले लाभ के बारे में यह जानकारी कैसी लगी आप हमें कमेंट में जरूर बतायें। और यह जानकारी जरूरतमंद लोगों और आपके  जानने वालों के साथ जरूर शेयर करें।