हेलो दोस्तों कैसे हैं आप! आज के इस आर्टिकल में मैं आपके लिए धनिया के फायदे  और इसके घरेलु उपचार के बारे में जनकारी लेकर आया हूँ।  इससे पिछले आर्टिकल में मैंने आपको दालचीनी के फायदे के बारे में बताया था। अगर आपने वह आर्टिकल नहीं पढा तो जरूर पढ लेें। और अभी के इस आर्टिकल में देखते हैं। धनिया के फायदे के बारे में और  धनिया के लाभ और घरेलू उपचार क्या हैं। 

वैसे तो धनिया का प्रयोग हम अपने रसोई में सब्जी, सलाद, और चटनी बगैरह बनाने में करते हैं। लेकिन धनिया के बहुत सारे औषधिय उपयोग भी हैं।

धनिया वात, पीत, कफ तीनों दोषों का नाश करता है। यह सूजन और दर्द को मिटाता है। प्यास को शांत रखता है। भूख बढ़ता है। खाना हजम करता है, रुचिकर है, यकृत को उत्तेजित करता है। धनिया कफनाशक है, मूत्र संबंधी रोगों का नाश करता है। और ज्वर तथा शुक्रनाशक है।  इससे दिमागी शक्ति बढती है।  धात का क्षय करने वाला है। 

१. २० ग्राम धनियादाना को पीसकर जौ के सत्तू में मिलाकर प्रतिदिन लगाने से कंठमाला रोग में आराम मिलता है।  ठीक होने तक इस्तेमाल करें।


२. धनियादाना तथा आंवला को सममात्रा में पानी में भिगोकर सुबह पीस छानकर मिश्री मिला दें।  गर्मी के कारन होने वाला सर दर्द में यह शरबत गुणकारी है।  मस्तक पीड़ा शीघ्र ही शांत हो जाती है।  

३. धनिया के १५-२० ग्राम ताजा पत्तियों को पीसकर उसमें जरा सा कपूर मिला लें।  एक-दो बूंदें नाक में टपकाने से  और सर पर मलने से नकसीर बंद हो जाती है।  

४. १०-२० ग्राम धनिया को प्रतिदिन चबाने से श्वास की दुर्गन्ध से राहत मिलती है।  

५. खुनी बवासीर में २० ग्राम धनिये के बीजों को एम् गिलास पानी और १० ग्राम मिश्री के साथ उबालकर पिलाने से लाभ होता है।  इससे बवासीर के मस्सों से बहने वाला खून बंद हो जाता है।  

६. धनियादाना, गिलोय, हरड़ - इसको सममात्रा में लेकर चार गुना पानी में उबालें।  एम् चौथाई भाग पानी रहने पर  काढ़े में गुड़ का चुरा मिलाकर पी जाएँ।  इससे सब प्रकार के बवासीर में लाभ होता है।  

७. बच्चों की खांसी और दमा रोग में चावलों के धोवन या माड़ के साथ १० ग्राम धनियानदाना को घोटकर, शक्कर मिलाकर दिन में तीन बार पिलाने से बच्चों की खांसी तथा दमे में लाभ होता है।  

८. १०-१० ग्राम धनिया के बीजों को दिन में दो-तीन बार चबाने से गले का दर्द दूर होता है।  

९. धनियादाना के १०० ग्राम पावडर को १०० ग्राम सिरके  के साथ पीसकर लेप करने से सिर की गंज दूर होती है। 

१०. ६ ग्राम धनिया दाना के पावडर में १० ग्राम शक्कर मिलाकर सुबह-शाम फांकने से गर्मी से होने वाला जोड़ो का दर्द मिट जाता है। 

११. धनिये दाना के २ ग्राम पावडर को ५ ग्राम मिश्री के साथ दिन में दो-तीन बार देने से गर्मी से होने वले पेट दर्द में लाभ होता है।  

१२. धनिये के १ ग्राम पावडर को २० ग्राम मिलीलीटर शराब के साथ पीने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।  और पुनः पैदा नहीं होते।  

१३. १० ग्राम भुना हुआ धनिया खाने से दस्त जल्दी ही बंद हो जाते है।  

१४. गर्भावस्था की उलटी में धनिये के १०० ग्राम काढ़े में २० ग्राम मिश्री और चावल का धोवन २० ग्राम मिलाकर जरा-जरा सा पिलाने से शीघ्र ही लाभ होता है।  उलटी तुरंत ही बंद हो जाती है। 

१५. १० ग्राम धनियादाना और १० चावल रातभर पानी में भिगोकर रखे।  फिर सुबह उनका काढ़ा बनाकर ३० मिलीलीटर सुबह-शाम पिलाने से पित्तजन्य बुखर मिटाता है।

 

 तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको धनिया के फायदे का यह छोटा सा आर्टिकल आपको पसंद आया होगा।  इसे अपने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें। तथा घरेलू उपचार और घरेलू नुस्खे के नए आर्टिकल के लिए इस ब्लोग को subscribe कर लेें। इस  पोस्ट के अलावा धनिया के फायदे से रिलेटिड एक विडियो नीचे दिया गया है। आप इसे भी जरूर देखें।